माँ

दिल दुखाया जब माँ का, उसकी आंखे भर आएगी,
माँ तो आखिर माँ है, पल भर मे मान जाएगी।।
सुकून है उसकी गोद मे, नींद अच्छी आएगी,
दुख दूर होगा सब तेरा, जब तुझे गले लगाएगी।।

समेट लेगी खुशियाँ,  सारे जहां से तेरे लिये,
पर खुद अपना दर्द तुझे नही बताएगी।
और कुछ माँग ले तू उससे, तो ये याद रख,
वो हँसते हँसते, तेरे लिए जहर भी पी जाएगी ।।

कुछ कर दो तुम ऐसा, जब पापा की याद आएगी,
और जब डाँट लगेगी पापा से, तब भी माँ बचाने आएगी।।

                                 ~ सुब्रत सौरभ

8 thoughts on “माँ

    1. शुक्रिया 😊 अगर हो सके तो मेरी किताब “कुछ वो पल” पढ़े। ये Amazon पर उपलब्ध है।

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